कहानी: कबूतर और जाल · कहानी: कबूतर और जाल
A free Rhymes and Stories lesson for Class 2 children.
कबूतरों का एक झुंड खाने की तलाश में उड़ रहा था।
उन्हें ज़मीन पर चावल के दाने दिखे और वे नीचे उतर आए।
वह एक शिकारी का जाल था। सारे कबूतर उसमें फँस गए।
बूढ़े कबूतर ने कहा, “घबराओ मत। अगर हम सब एक साथ उड़ें, तो जाल को उठा सकते हैं।”
सबने एक साथ पंख फड़फड़ाए और जाल समेत उड़ गए।
वे अपने मित्र चूहे के पास पहुँचे। चूहे ने अपने दाँतों से जाल काट दिया।
एकता में बहुत ताकत होती है।