कहानी: ईमानदार लकड़हारा · कहानी: ईमानदार लकड़हारा

A free Rhymes and Stories lesson for Class 2 children.

एक गरीब लकड़हारे की कुल्हाड़ी नदी में गिर गई।

वह किनारे बैठकर रोने लगा।

नदी से एक परी निकली। उसने सोने की कुल्हाड़ी दिखाकर पूछा, “क्या यह तुम्हारी है?”

लकड़हारा बोला, “नहीं, यह मेरी नहीं है।”

परी ने चाँदी की कुल्हाड़ी दिखाई। लकड़हारे ने फिर मना कर दिया।

फिर परी ने लोहे की कुल्हाड़ी दिखाई। लकड़हारा खुश होकर बोला, “हाँ, यही मेरी है!”

परी उसकी ईमानदारी से खुश हुई और उसे तीनों कुल्हाड़ियाँ दे दीं।